आज की बड़ी खबरें: 31 July 2026
भारतीय शेयर बाज़ार में तेज़ी देखी गई, जहाँ सेंसेक्स 274 अंक ऊपर चढ़ा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले किए हैं।
आज की बड़ी खबरें — 31 जुलाई 2026
🔴 मुख्य खबरें
सेंसेक्स 274 अंक बढ़ा, निफ्टी 24,300 के पार बंद
- क्या हुआ: गुरुवार (30 जुलाई) को भारतीय शेयर बाज़ार ने शानदार प्रदर्शन किया। सेंसेक्स 274 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ और निफ्टी ने 24,300 का स्तर पार कर लिया। ऑटोमोटिव सेक्टर में मारुति सुज़ुकी और कोल इंडिया के शेयरों में 2% की तेज़ी देखी गई।
- क्यों ज़रूरी है: अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज़ दरों को स्थिर रखने के बावजूद भारतीय बाज़ार का सकारात्मक बने रहना निवेशकों के मज़बूत भरोसे को दर्शाता है।

अमेरिका ने ईरान पर की सैन्य कार्रवाई
- क्या हुआ: 29 जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ "भारी लहर" में हमले किए। यह कदम जॉर्डन स्थित अमेरिकी अड्डे पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के जवाब में उठाया गया है।
- क्यों ज़रूरी है: यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को और गहरा कर रही है, जिसका असर भारतीय तेल आयात और कीमतों में उतार-चढ़ाव के रूप में पड़ सकता है।
ट्रम्प प्रशासन में अटॉर्नी जनरल नियुक्ति को लेकर विवाद
- क्या हुआ: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि वह रिपब्लिकन सीनेटरों के दबाव के चलते टॉड ब्लांच को अटॉर्नी जनरल बनाने के फैसले को वापस ले सकते हैं।
- क्यों ज़रूरी है: यह अमेरिकी राजनीति की अस्थिरता को दिखाता है, जिसका प्रभाव भविष्य में भारत-अमेरिका संबंधों पर भी पड़ सकता है।
💰 अर्थव्यवस्था और बाज़ार
- निफ्टी और सेंसेक्स में सकारात्मक रुझान: 30 जुलाई को बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ, जहाँ ऑटोमोटिव शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई।
- व्यापक बाज़ार में गिरावट: निफ्टी 50 के विपरीत, व्यापक बाज़ार में एडानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस और एचडीएफसी लाइफ जैसे शेयरों में नुकसान देखा गया।

- फेडरल रिज़र्व का फैसला: ब्याज़ दरों को अपरिवर्तित रखा गया है, लेकिन साल के अंत तक बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।
🌍 दुनिया की खबरें
- यूएस-सऊदी अरब के संयुक्त हमले: इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर हुए इन हमलों को विश्लेषक बेहद "अभूतपूर्व" और "अप्रत्याशित" स्थिति बता रहे हैं।

- सीनेट में प्रस्ताव खारिज: ट्रम्प की युद्ध शक्तियों को सीमित करने की कोशिश सीनेट में एक बार फिर विफल रही।
📌 आगे किस पर नज़र रखें
- ईरान-अमेरिका संघर्ष: मध्य पूर्व के हालात तेल की कीमतों और भारतीय आयात को कैसे प्रभावित करेंगे, इस पर नज़र रहेगी।
- भारतीय बाज़ार की चाल: क्या ऑटो सेक्टर अपनी रफ़्तार बनाए रख पाएगा?
- अमेरिकी ब्याज़ दरें: फेडरल रिज़र्व के अगले कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
🔍 आज का विश्लेषण
भारतीय बाज़ार की मज़बूती और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक संतुलन बना हुआ है। हालाँकि मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान का संघर्ष तेल की कीमतों के जरिए भारत के लिए चुनौती पेश कर सकता है, लेकिन निवेशकों का घरेलू अर्थव्यवस्था पर भरोसा अब भी कायम है। आने वाले दिन तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक नीतियों के लिहाज से अहम होंगे।
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